सोपान जोशी - लेख सूची

कलयुग की दहलीज, अज्ञान का रास्ता

बचपन से ही पढ़ने-सुनने में आता है – “अमुक विषय पर विद्वानों में मतभेद है।” बारंबार कही हुई बात सच लगने लगती है। ऐसा आभास होता है कि विद्वानों का काम अपने और दूसरों के ‘मत’ में ‘भेद’ करना ही होता है!  फिर जब उम्र चुनाव में भाग लेने लायक हो जाती है, तब पता …

ग्राम स्वराज का जादुई काढ़ा

“काल है ईसा से ५० साल पूर्व. समूचा गॉल देश रोमन साम्राज्य के कब्जे में आ चुका है. अरे!…समूचा नहीं! एक छोटे-से गाँव में रहने वाले अजेय गॉलवासी अभी भी आक्रान्ताओं का डट के मुकाबला कर रहे हैं. जो रोमन छावनियाँ उस गाँव को घेरे हुए हैं, उनके सैनिकों का जीवन आसान नहीं है…”  ये …